नालंदा के इस्लामपुर थाने से बेशवक का रास्ता शेख़ अब्दुल्लाह रोड से होकर गुज़रता है.
जम्मू और कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री शेख़ अब्दुल्लाह 19 जनवरी 1977 को राज्य की कल्चरल एकैडमी की एक टीम के साथ बेशवक आए थे.
कुछ माह पहले कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे और शेख अब्दुल्लाह के पोते उमर अब्दुल्लाह ने भी ट्वीटर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बेशवक में कश्मीर के इतिहास को संरक्षित करने की अपील की थी.
बिहार राज्य सुन्नी वक्फ़ बोर्ड में कश्मीरी चक और बेशवक की ज़मीन को डॉक्टर अब्दुल रशीद ख़ान ने रजिस्टर कराया था.
यासीर रशीद ख़ान उन्ही के पोते हैं और उनका दावा है कि वो युसूफ़ चक के वंशज हैं. यासीर रशीद ख़ान लगातार इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं.
वे बताते हैं, "देश विदेश से स्कॉलर, रिसर्चर यहां आना चाहते हैं, यहां हम सालाना उर्स आयोजित करते हैं. लेकिन आप बताएं कि उस क़ब्रगाह के पास किसी के बैठने तक की व्यवस्था है क्या?"
बिहार के पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "जब वो जगह पर्यटन लायक़ हो जाएगी, तभी विभाग पर्यटन की संभावनाओं को देख सकता है. लेकिन अभी तो कला संस्कृति विभाग इस मामले को देखे."
बेशवक स्थित क़ब्रगाह को दिखाते हुए स्थानीय निवासी और गांव के मुख्य पुजारी दीनानाथ पांडेय ने दावा किया कि क़ब्र के नीचे विष्णु मंदिर था.
दीनानाथ से बातचीत से ये अहसास होता है कि गांव में अब ये धारणा आम लोगों में घुसती जा रही है कि मंदिर के ऊपर क़ब्र बनाई गई है.
वहीं कश्मीरी चक नाम का टोला जो युसूफ़ चक की रिहाइश थी, वहां बीते दो साल से छह ग़रीब मुस्लिम परिवार आकर बस गए हैं.
बोरिस जॉनसन ने कहा कि संसद निलंबित होने के बाद 14 अक्तूबर को महारानी का भाषण होगा. जिसमें वो एक बहुत ही रोमांचक एजेंडे की रूपरेखा तैयार करेंगी.
टोरी सांसद डोमिनिक ग्रिव ने सरकार के इस क़दम को 'अपमानजनक' बताया. उन्होंने चेतावनी दी है कि इससे बोरिस जॉनसन की सरकार गिर सकती है.
लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि ये साफ़ झूठ है कि उन्होंने डील पूरी न होने की इच्छा से प्रेरित होकर ऐसा किया है. उन्होंने कहा कि वो ब्रेग्ज़िट तक इंतज़ार नहीं कर सकते. वो देश को आगे ले जाने की अपनी योजना के लिए इंतज़ार नहीं करना चाहते.
जिसके चलते बेशवक के लोगों में नाराज़गी साफ़ देखी जा सकती है.
कश्मीरी चक में रह रही रूबी ख़ातून कहती हैं, "यहां हमको कोई सुविधा नहीं है. हमारे सूफी संतों की मज़ार पर दबंगों ने क़ब्ज़ा करके खेती करनी शुरू कर दी है. यहां बहुत परेशानी के बावजूद हम रह रहे हैं क्योंकि हम ग़रीब हैं."
कश्मीर चक के थोड़ी ही दूर पर हैदरचक है. ग़ौरतलब है कि हैदर चक युसूफ़ चक के समय का ही कश्मीरी सामंत थे.
स्थानीय लोग उसे युसूफ़ चक का भाई बताते हैं लेकिन इतिहासकार इम्तियाज़ अहमद के मुताबिक़ वो युसूफ़ शाह का बेटा था.
हैदरचक नालंदा के वर्तमान सांसद कौशलेन्द्र कुमार का भी पैतृक गांव है.
यासीर रशीद ख़ान और उनके लोगों की तरफ़ से ज़मीन पर अतिक्रमण के संबंध में हिलसा के अनुमंडल पदाधिकारी वैभव चौधरी ने कहा, "हमारी तऱफ से ज़मीन की नापी हो गई है लेकिन इसके आगे की कारवाई के लिए कोई आदेश अभी नहीं है."
युसूफ़ शाह चक की क़ब्रगाह और उनका इतिहास बिहार और कश्मीर के संबंधों की एक कड़ी है.
कश्मीरियों में अपने इस राजा की याद को बचाने की तड़प देखी जा सकती है.
लेकिन जैसा कि इम्तियाज़ अहमद कहते हैं, "बिहार की सरकारों में इसके प्रति गहरी उदासीनता 'बिहारी समाज और इतिहास', दोनों का ही नुक़सान कर रही है."
इसके अलावा उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि संसद के पास ब्रेग्ज़िट मुद्दे पर बहस करने के लिए 'पर्याप्त समय' है.
बोरिस जॉनसन के कहा, "हमें नए क़ानून की ज़रूरत है. हम नए और महत्वपूर्ण बिल आगे लेकर आ रहे हैं इसीलिए हम महारानी का भाषण रखने जा रहे हैं"
संसद को निलंबित करने के विचार ने विवाद पैदा कर दिया है. आलोचकों का कहना है कि ये ब्रेग्ज़िट मामले में सांसदों को उनकी लोकतांत्रिक भागदारी निभाने से रोक देगा.
पूर्व प्रधानमंत्री जॉन मेजर समेत कई बड़े चेहरों ने इसके ख़िलाफ़ अदालत में जाने की धमकी दी है. एसएनपी पार्टी की प्रवक्ता जोआना चेरी पहले ही इस मामले को चुनौती देने के लिए स्कॉटिश अदालतों में अपना काम शुरू कर चुकी हैं.
जम्मू और कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री शेख़ अब्दुल्लाह 19 जनवरी 1977 को राज्य की कल्चरल एकैडमी की एक टीम के साथ बेशवक आए थे.
कुछ माह पहले कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे और शेख अब्दुल्लाह के पोते उमर अब्दुल्लाह ने भी ट्वीटर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बेशवक में कश्मीर के इतिहास को संरक्षित करने की अपील की थी.
बिहार राज्य सुन्नी वक्फ़ बोर्ड में कश्मीरी चक और बेशवक की ज़मीन को डॉक्टर अब्दुल रशीद ख़ान ने रजिस्टर कराया था.
यासीर रशीद ख़ान उन्ही के पोते हैं और उनका दावा है कि वो युसूफ़ चक के वंशज हैं. यासीर रशीद ख़ान लगातार इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं.
वे बताते हैं, "देश विदेश से स्कॉलर, रिसर्चर यहां आना चाहते हैं, यहां हम सालाना उर्स आयोजित करते हैं. लेकिन आप बताएं कि उस क़ब्रगाह के पास किसी के बैठने तक की व्यवस्था है क्या?"
बिहार के पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "जब वो जगह पर्यटन लायक़ हो जाएगी, तभी विभाग पर्यटन की संभावनाओं को देख सकता है. लेकिन अभी तो कला संस्कृति विभाग इस मामले को देखे."
बेशवक स्थित क़ब्रगाह को दिखाते हुए स्थानीय निवासी और गांव के मुख्य पुजारी दीनानाथ पांडेय ने दावा किया कि क़ब्र के नीचे विष्णु मंदिर था.
दीनानाथ से बातचीत से ये अहसास होता है कि गांव में अब ये धारणा आम लोगों में घुसती जा रही है कि मंदिर के ऊपर क़ब्र बनाई गई है.
वहीं कश्मीरी चक नाम का टोला जो युसूफ़ चक की रिहाइश थी, वहां बीते दो साल से छह ग़रीब मुस्लिम परिवार आकर बस गए हैं.
ब्रिटेन की महारानी ने संसद निलंबित करने की सरकार की सिफ़ारिश को मंज़ूरी दे दी है. सितंबर में संसद निलंबित कर दी जाएगी.
सरकार ने सितंबर में सांसदों के लौटने के कुछ दिन बाद और ब्रेग्ज़िट डेडलाइन के कुछ दिन पहले संसद निलंबित करने की सिफ़ारिश की थी.बोरिस जॉनसन ने कहा कि संसद निलंबित होने के बाद 14 अक्तूबर को महारानी का भाषण होगा. जिसमें वो एक बहुत ही रोमांचक एजेंडे की रूपरेखा तैयार करेंगी.
टोरी सांसद डोमिनिक ग्रिव ने सरकार के इस क़दम को 'अपमानजनक' बताया. उन्होंने चेतावनी दी है कि इससे बोरिस जॉनसन की सरकार गिर सकती है.
लेकिन प्रधानमंत्री ने कहा कि ये साफ़ झूठ है कि उन्होंने डील पूरी न होने की इच्छा से प्रेरित होकर ऐसा किया है. उन्होंने कहा कि वो ब्रेग्ज़िट तक इंतज़ार नहीं कर सकते. वो देश को आगे ले जाने की अपनी योजना के लिए इंतज़ार नहीं करना चाहते.
जिसके चलते बेशवक के लोगों में नाराज़गी साफ़ देखी जा सकती है.
कश्मीरी चक में रह रही रूबी ख़ातून कहती हैं, "यहां हमको कोई सुविधा नहीं है. हमारे सूफी संतों की मज़ार पर दबंगों ने क़ब्ज़ा करके खेती करनी शुरू कर दी है. यहां बहुत परेशानी के बावजूद हम रह रहे हैं क्योंकि हम ग़रीब हैं."
कश्मीर चक के थोड़ी ही दूर पर हैदरचक है. ग़ौरतलब है कि हैदर चक युसूफ़ चक के समय का ही कश्मीरी सामंत थे.
स्थानीय लोग उसे युसूफ़ चक का भाई बताते हैं लेकिन इतिहासकार इम्तियाज़ अहमद के मुताबिक़ वो युसूफ़ शाह का बेटा था.
हैदरचक नालंदा के वर्तमान सांसद कौशलेन्द्र कुमार का भी पैतृक गांव है.
यासीर रशीद ख़ान और उनके लोगों की तरफ़ से ज़मीन पर अतिक्रमण के संबंध में हिलसा के अनुमंडल पदाधिकारी वैभव चौधरी ने कहा, "हमारी तऱफ से ज़मीन की नापी हो गई है लेकिन इसके आगे की कारवाई के लिए कोई आदेश अभी नहीं है."
युसूफ़ शाह चक की क़ब्रगाह और उनका इतिहास बिहार और कश्मीर के संबंधों की एक कड़ी है.
कश्मीरियों में अपने इस राजा की याद को बचाने की तड़प देखी जा सकती है.
लेकिन जैसा कि इम्तियाज़ अहमद कहते हैं, "बिहार की सरकारों में इसके प्रति गहरी उदासीनता 'बिहारी समाज और इतिहास', दोनों का ही नुक़सान कर रही है."
इसके अलावा उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि संसद के पास ब्रेग्ज़िट मुद्दे पर बहस करने के लिए 'पर्याप्त समय' है.
बोरिस जॉनसन के कहा, "हमें नए क़ानून की ज़रूरत है. हम नए और महत्वपूर्ण बिल आगे लेकर आ रहे हैं इसीलिए हम महारानी का भाषण रखने जा रहे हैं"
संसद को निलंबित करने के विचार ने विवाद पैदा कर दिया है. आलोचकों का कहना है कि ये ब्रेग्ज़िट मामले में सांसदों को उनकी लोकतांत्रिक भागदारी निभाने से रोक देगा.
पूर्व प्रधानमंत्री जॉन मेजर समेत कई बड़े चेहरों ने इसके ख़िलाफ़ अदालत में जाने की धमकी दी है. एसएनपी पार्टी की प्रवक्ता जोआना चेरी पहले ही इस मामले को चुनौती देने के लिए स्कॉटिश अदालतों में अपना काम शुरू कर चुकी हैं.
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